पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ क्षेत्र के एक व्यक्ति ने उमरा यात्रा कराने का झांसा देकर जिला शामली के तीन सम्मानित शिक्षाविदों से डेढ़ लाख रुपये की ठगी की है। यह रकम 01 नवंबर 2025 को ली गई थी। आज तक न तो उमरा यात्रा का कोई इंतजाम किया गया है और न ही पूरी रकम वापस लौटाई गई है। बार-बार मांग करने के बावजूद अब तक केवल 35 हजार रुपये ही लौटाए गए हैं, जो कि कुल रकम का एक बहुत छोटा हिस्सा है। यह स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी और विश्वासघात का मामला है, जो न केवल पीड़ितों की मेहनत की कमाई को लूटता है बल्कि धार्मिक भावनाओं का भी घोर अपमान करता है।पीड़ितों की ओर से सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर पूरी रकम बिना किसी बहाने या देरी के वापस नहीं लौटाई जाती, तो निम्नलिखित कठोर कदम उठाए जाएंगे:
यदि 24 घंटों की समयसीमा समाप्त होने पर भी रकम वापस नहीं दी जाती, तो इन सभी सबूतों को सार्वजनिक मंचों पर जारी किया जाएगा। जैसे— सोशल मीडिया, स्थानीय समाचार पत्रों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर, ताकि समाज को आरोपी की असलियत से अवगत कराया जा सके और अन्य लोग ऐसी ठगी से सावधान रहें। साथ ही, ये सबूत उपरोक्त सभी सरकारी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को भी भेज दिए जाएंगे, जिससे आरोपी पर कानूनी शिकंजा और मजबूत हो। पीड़ितों की ओर से यह अंतिम चेतावनी है। आरोपी को सलाह दी गई है कि वह तत्काल रकम लौटाकर मामले को सुलझाए, अन्यथा उसके लिए कानूनी और सामाजिक परिणाम बहुत गंभीर होंगे। पीड़ित इस मामले में किसी भी प्रकार की ढील या समझौते के लिए तैयार नहीं हैं और न्याय की पूरी लड़ाई लड़ने को प्रतिबद्ध हैं।