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कैराना। डीएम ने तहसील का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान भू—अभिलेखागार में रजिस्टर में आदेश अंकित नहीं मिले, जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से रखने के निर्देश दिए।
गुरुवार को जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान कैराना तहसील के वार्षिक निरीक्षण पर पहुंचे। जहां एसडीएम स्वप्निल कुमार यादव ने उन्हें बुकें भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद गार्ड आॅफ आॅनर देकर सलामी दी गई। निरीक्षण के दौरान डीएम तहसीलदार कोर्ट में पहुंचे। जहां उन्होंने वादों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने एक वाद के बारे में बारीकी से जानकारी ली। इसके बाद डीएम रजिस्ट्रार कानूनगो/भू—अभिलेखागार में पहुंचे और रजिस्टरों की जांच की। रजिस्टर में एक आदेश अंकित नहीं मिला, जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और तमाम आदेशों को समय रहते रजिस्टरों में अंकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, डीएम ने एसडीएम कोर्ट, आशु लिपिक कार्यालय आदि का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा आईजीआरएस पर प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की स्थिति, शत्रु संपत्ति आदि के बारे में भी जानकारी की। डीएम ने पूछा कि कितने अधिकारियों—कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई चल रही है। ऐसा नहीं मिला। इस पर डीएम ने कहा कि किसी के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई नहीं चल रही है, यह सोचनीय विषय है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक शिकायतें कैराना तहसील से संबंधित ही आती है। डीएम द्वारा तहसील परिसर में साफ—सफाई परखी गई। उन्होंने खाली पड़े पुराने तहसील भवन के बारे में भी जानकारी की। इस दौरान बताया गया कि एसडीएम के लिए स्थायी रूप से आवास नहीं है। डीएम ने कहा कि तहसील के पास अपनी भूमि है, जहां आवास के लिए प्रक्रिया प्रारंभ करें। इस दौरान एडीएम संतोष कुमार सिंह, एसडीएम स्वप्निल कुमार यादव व तहसीलदार अर्जुन सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।