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लखनऊ। उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के कोषाध्यक्ष सचिन शुक्ला ने कहा है कि यूपी टी20 लीग उत्तर प्रदेश में मौजूद अपार क्रिकेट प्रतिभाओं को पेशेवर मंच देने की सोच का परिणाम है। लीग का उद्देश्य राज्य के छोटे-बड़े शहरों और विभिन्न क्षेत्रों से निकलने वाले युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना और उन्हें उच्च स्तर की क्रिकेट तक पहुंचने का रास्ता उपलब्ध कराना है।
यूपी टी20 के चौथे सत्र को लेकर बातचीत में सचिन शुक्ला ने कहा कि इस लीग की परिकल्पना यूपीसीए के मार्गदर्शक राजीव शुक्ला की सोच से हुई है। उन्होंने कहा कि करीब 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में क्रिकेट प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। देश में क्रिकेट के प्रति लोगों का जुनून लगातार बढ़ रहा है और उत्तर प्रदेश ने भी पिछले एक दशक में क्रिकेट के विकास के साथ कदमताल की है।
उन्होंने बताया कि यूपी टी20 का चौथा सत्र इस बार लखनऊ और कानपुर में खेला जाएगा। इसके लिए हाल ही में आगरा में मिनी नीलामी भी आयोजित की गई, जिसमें खिलाड़ियों और टीमों की ओर से काफी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि लीग को इस तरह आयोजित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश के युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का बेहतर अवसर मिल सके।
सचिन शुक्ला ने बताया कि लीग की छह टीमें अलग-अलग प्रक्रियाओं के माध्यम से अपनी मजबूत टीम तैयार कर रही हैं। खिलाड़ियों को बरकरार रखने के साथ-साथ नीलामी के जरिए भी टीमों को मजबूत किया जा रहा है, जिससे प्रतियोगिता में रोमांच और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ेंगी।
सचिन शुक्ला ने यूपीसीए की पहल स्पीड हंट को खास तौर पर महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य उन तेज गेंदबाजों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक पारंपरिक क्रिकेट व्यवस्था में पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाया था।
उन्होंने बताया कि स्पीड हंट के तहत करीब 10 हजार प्रतिभागियों को चयन प्रक्रिया में शामिल कर उनकी प्रतिभा को परखा गया। इनमें कई ऐसे खिलाड़ी भी सामने आए, जिन्हें पहले कभी अपनी क्षमता दिखाने के लिए उचित मंच नहीं मिला था। इनमें से कई युवा गेंदबाजों ने 134 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी कर अपनी क्षमता का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के खिलाड़ियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। अगर किसी गरीब परिवार के बच्चे के पास अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच नहीं था, तो स्पीड हंट ने उसे बिना किसी शुल्क के अपनी क्षमता साबित करने का अवसर दिया। खिलाड़ियों की गति मापी गई और उनकी प्रतिभा को सामने लाया गया।
सचिन शुक्ला ने कहा कि यूपीसीए अब इन खिलाड़ियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेगा और उनकी प्रतिभा पर लगातार नजर रखी जाएगी। जरूरत के मुताबिक उन्हें प्रशिक्षण और उचित अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इनमें से कई खिलाड़ी आगे चलकर यूपी टी20 में खेलेंगे, आईपीएल तक पहुंचेंगे और भविष्य में भारतीय टीम का हिस्सा बनने की क्षमता रखेंगे।
उन्होंने लीग के विकास में सहयोग के लिए संजय कपूर का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने राजीव शुक्ला के प्रयासों और प्रेरणा की भी सराहना की। सचिन शुक्ला ने बताया कि उन्होंने कानपुर में मैच कराने का आग्रह किया था और राजीव शुक्ला के निरंतर प्रयासों के कारण यह संभव हो सका।
यूपी टी20 का चौथा सत्र दो शहरों तक विस्तार और स्पीड हंट जैसी पहल के साथ उत्तर प्रदेश की नई क्रिकेट प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में सामने आ रहा है। लीग के माध्यम से उन खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है, जिनकी प्रतिभा अब तक सीमित संसाधनों और अवसरों के कारण लोगों की नजरों से दूर थी। यूपीसीए की कोशिश है कि स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली ये प्रतिभाएं आगे चलकर राज्य, आईपीएल और भारतीय क्रिकेट के उच्चतम स्तर तक पहुंच सकें।