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  • गैंगस्टर के दोषी को तीन वर्ष 11 माह की कैद

    गैंगस्टर के दोषी को तीन वर्ष 11 माह की कैद

    कैरना (शामली)। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में एक दोषी को तीन वर्ष 11 माह के कारावास की सजा सुनाई है।

    बता दें कि वर्ष 2003 में बाबरी थाने पर प्रमेंद्र निवासी हाथी करौदा के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले में पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। सोमवार शाम लगभग साढ़े सात बजे पुलिस ने बताया कि उक्त मामले में कैराना स्थित एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया, जिस पर दोषी को तीन वर्ष 11 माह के कारावास और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।

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  • यूपी टी-20 लीग के चौथे सीजन का शंखनाद, उद्घाटन समारोह के टिकट लॉन्च

    यूपी टी-20 लीग के चौथे सीजन का शंखनाद, उद्घाटन समारोह के टिकट लॉन्च

    उद्घाटन समारोह में ऋषभ रिखीराम शर्मा और जैस्मीन सैंडलास देंगे प्रस्तुति

    भव्य ड्रोन शो और आतिशबाजी होंगे आकर्षण का केंद्र

    लखनऊ। यूपी टी-20 लीग के चौथे सीजन का शंखनाद सोमवार को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में हो  गया।  भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि अवनीश अवस्थी (सलाहकार माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश) ने लीग के उद्घाटन समारोह के टिकटों की लॉन्चिंग की।

      इकाना स्टेडियम में 14 अगस्त को होने वाले उद्घाटन समारोह में सुप्रसिद्ध सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा तथा प्रसिद्ध गायिका जैस्मीन सैंडलास अपनी प्रस्तुतियां देंगे। वहीं भव्य ड्रोन शो व आतिशबाजी से  ऐसा भव्य नजारा पेश किया जाएगा जो यूपी में पहली बार दिखेगा। समारोह का संचालन सुप्रसिद्ध एंकर जतिन सप्रू करेंगे।

       इसके साथ ही उद्घाटन की 4000 टिकट रियायती रेट पर लांच की गई। इसमें अपर ब्लाक की टिकट 349 रुपए व लोअर विंग की टिकट 499 रुपए की होंगी, जो पहले आओ पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध होगा। यह टिकट ई- ड्रिस्टिट एप पर भी मिलेंगे। मुख्य अतिथि अवनीश अवस्थी ने लीग के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में भी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार लीग में छह टीमें भाग ले रही हैं, जिससे प्रदेश के युवा क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बार फिर बड़ा मंच मिलेगा।

       उन्होंने अपने संबोधन में खेलों के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में खेल अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। लीग के समापन के बाद कानपुर के ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके अलावा वाराणसी का नया अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम भी जल्द प्रदेश को समर्पित किया जाएगा, जबकि गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास पहले ही किया जा चुका है। आने वाले समय में प्रदेश को कई आधुनिक खेल सुविधाएं मिलने वाली हैं।  मुख्य अतिथि ने महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने पर भी जोर देते हुए सुझाव दिया कि यूपी टी-20 लीग की तर्ज पर महिला लीग भी शुरू की जानी चाहिए, जिसमें शुरुआती चरण में कम से कम चार टीमों को शामिल किया जाए। इसमें कानपुर की टीम ली जाये तो मैं इसमें पूरा सहयोग करुंगा। इस पर यूपी टी-20 लीग की गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि इस दिशा में गंभीरता से विचार किया जाएगा।

       उन्होंने पैरा तीरंदाज शीतल देवी के संघर्ष और उपलब्धियों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि शीतल देवी ने अपने अदम्य साहस और प्रतिभा से देश का नाम रोशन किया है तथा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनी हैं। उन्होंने  पैरालंपिक की कांस्य पदक विजेता व विश्व चैंपियनयशिप की स्वर्ण विजेता तीरंदाज शीतल देवी का जिक्र किया जिन्होंने पैरों से निशाना लगाते हुए पदक जीता।

       स्वागत भाषण में यूपी टी-20 लीग की गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने बताया कि पहली बार लीग का आयोजन दो शहरों में किया जा रहा है। पहला चरण 14 से 26 अगस्त तक लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में होगा, जहां उद्घाटन समारोह सहित कुल 22 मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद दूसरा चरण 28 अगस्त से कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में आयोजित होगा, जहां 12 मैच खेले जाएंगे। लीग का फाइनल मुकाबला 6 सितंबर को कानपुर में भव्य समापन समारोह के साथ खेला जाएगा। उन्होंने बताया कि उद्घाटन समारोह रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगा।

       समारोह में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष सचिन आनंद शुक्ला, इकाना स्टेडियम के सीएमडी उदय सिन्हा, एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित चटर्जी, मीडिया मैनेजर मोहम्मद फहीम, यूपी टी-20 लीग गवर्निंग काउंसिल के सदस्य संजीव कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

इस्लामिक समाचार

  • नंगलाराई के मदरसे में जलसे का आयोजन

    नंगलाराई के मदरसे में जलसे का आयोजन

    मुजफ्फरनगर (विशेष संवाददाता): 

    दारुल उलूम देवबंद के पूर्व शेख़ुल कुर्रा और राब्ता आलम—ए—इस्लामी मक्का मुकर्रमा के सदस्य कारी अल-मुकरी अबुल हसन आज़मी ने कहा है कि कुरआन—ए—करीम पर अमल करो, इससे पहले कि यह पवित्र किताब तुम्हारे सीनों से मिट जाए और तौबा का दरवाज़ा बंद हो जाए। यही वह वक्त होगा जब कोई नेक अमल इंसान के काम नहीं आएगा। कारी अल—मुकरी अबुल हसन आज़मी मुजफ्फरनगर जिले के गांव नंगलाराई स्थित मदरसा दारुल किरात हसनिया में 18 हाफ़िज़े कुरान की दस्तारबंदी के मौके पर आयोजित जलसे की आखिरी मजलिस से खिताब कर रहे थे। 

    जामिया बदरुल उलूम गढ़ी दौलत के उस्ताद—ए—हदीस मुफ्ती खालिद कासमी ने कहा कि इंसान जब दुनिया से रुख्सत होता है तो उसके तीन अमल ऐसे हैं जो मरने के बाद भी काम आते रहते हैं, इनमें सदका-ए-जारिया, नफ़ा पहुंचाने वाला इल्मी सरमाया और नेक औलाद। अफसोस की बात है कि हम इन तीनों क्षेत्रों पर बहुत कम ध्यान देते हैं। खास तौर पर औलाद का मसला इतना गंभीर होता जा रहा है कि माता—पिता ने औलाद की निगरानी और तरबियत से पूरी तरह मुंह फेर लिया है।

    इशाअतुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती नसीम कासमी ने कहा कि जब बुनियादी अकीदा ही कमज़ोर हो जाता है तो सारे अमल उसी तरह कमज़ोर होते चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि तौहीद व रिसालत, आखिरत, तकदीर और आस्मानी किताबें जैसे बुनियादी अकीदा हमारे ईमान का लाज़िमी हिस्सा हैं। इन अकीदों की सही तालीम से हम गफलत कर रहे हैं, जिसकी वजह से हम बतौर मुसलमान आमाल सालेहा से बहुत पीछे हैं। उन्होंने कहा कि अल्लाह की सिफात, कुदरत तथा रसूल की रिसालत और आखिरत पर जितना मज़बूत ईमान होगा, उतना ही इंसान अपनी ज़िंदगी को नेक सांचे में ढालेगा।

    मुफ्ती अहमद ने कहा कि अगर इंसान हराम काम से बचने की ठान ले तो बड़ा इबादत गुजार बन जाए, क्योंकि यही चीज़ फसाद की जड़ होती है। उन्होंने कहा कि झूठ, वादा खिलाफी और खयानत जैसे हराम कामों से अगर हम बचने लगें तो हमारा दिल साफ और शफ्फाफ हो जाएगा। मौलाना ने कहा कि अंदरूनी बीमारियों जैसे हसद, बुग्ज़, कीना और तकब्बुर से भी सच्ची तौबा करनी होगी, तभी हम दुनिया और आखिरत में कामयाब हो सकेंगे। उन्होंने तालीम, सुन्नत की पाबंदी और ज़रूरी इल्म हासिल करने पर भी ज़ोर दिया।

    मौलवी साकिब सिराज कासमी ने उलेमा की सोहबत और उसके फायदों पर रोशनी डाली।

    जलसे की एक मजलिस में मदरसे के रूह-ए-रवां और अरबी ज़बान के इंशापर्दाज़ मुफ्ती मुहम्मद बिलाल कासमी ने कारी अबुल हसन आज़मी को सिपास नामा पेश करते हुए कहा कि कारी अल-मुकरी अबुल हसन आज़मी ने तजवीद और किरात के फन पर सौ से ज़्यादा किताबें लिखकर इल्मी दुनिया को हैरत में डाल दिया है। कारी मोहतरम की पूरी ज़िंदगी दर्स व तदरीस में गुज़री है, अभी भी वह तलबा को फन से रोशनास कराते रहते हैं। वह राब्ता आलम—ए—इस्लामी मक्का मुकर्रमा के सदस्य हैं। कारी मोहतरम खुद एक मिशन हैं, जिनके हज़ारों शागिर्दाने रशीद उनके फन की आबियारी में मसरूफ हैं। इससे पहले हाफ़िज़ फरमान, मुहम्मद अहमद, फहद, शायान, उमर, अरमान, सलमान और चांद समेत 18 हाफ़िज़—ए—कुरान तलबा की उलेमा-ए-किराम के हाथों दस्तारबंदी हुई। इस मौके पर मौलाना इरशाद अकाबी ने मदारिस और कुरान के ताल्लुक से बयान किया। वहीं, मदरसे के तलबा व तालिबात ने इस्लाही मुकालमे, नज़्में और हालाते हाज़िरा के ताल्लुक से तकारीर भी पेश कीं। अंत में मदरसे के मोहतमिम कारी मुहम्मद शहज़ाद ने हाज़िरीन का शुक्रिया अदा किया। यह जलसा बुज़ुर्ग आलिम—ए—दीन मौलाना मुहम्मद इलियास की दुआ पर संपन्न हुआ। दोनों मजलिसों की निज़ामत मुफ्ती मुहम्मद बिलाल कासमी और मौलाना साकिब सिराज ने संयुक्त रूप से की।

    जलसे में मिफ्ताहुल उलूम के उस्ताद—ए—हदीस मुफ्ती रईस अहमद, दारुल उलूम देवबंद से मौलाना मुकीम, मौलाना मूसा कासमी, मौलाना सलीम, कारी नौशाद, कारी दिलशाद, कारी वसीम, शाहिद भाई, मुहम्मद इरशाद, मेराज अहमद, मुनीर अहमद, मौलाना जाबिर, हाफ़िज़ फुरकान असअदी, कारी आज़म, कारी सुहैल, कारी साकिब, कारी फैसल, कारी शुऐब, हाजी मुकीम और जावेद आदि खास तौर पर मौजूद रहे।


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