क्षेत्रीय समाचार

  • गैंगस्टर के दोषी को तीन वर्ष 11 माह की कैद

    गैंगस्टर के दोषी को तीन वर्ष 11 माह की कैद

    कैरना (शामली)। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में एक दोषी को तीन वर्ष 11 माह के कारावास की सजा सुनाई है।

    बता दें कि वर्ष 2003 में बाबरी थाने पर प्रमेंद्र निवासी हाथी करौदा के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले में पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। सोमवार शाम लगभग साढ़े सात बजे पुलिस ने बताया कि उक्त मामले में कैराना स्थित एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया, जिस पर दोषी को तीन वर्ष 11 माह के कारावास और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।

विशेष समाचार

  • केंद्रीय बजट से इंफ्रा और रियल स्टेट को बड़ीआस

    केंद्रीय बजट से इंफ्रा और रियल स्टेट को बड़ीआस

    केंद्रीय बजट 2026 से इंफ्रा और रियल एस्टेट को रफ्तार मिलने की उम्मीद, वर्टिकल मोबिलिटी सेक्टर को बड़े उछाल की आस
    नई दिल्ली/मुंबई, 30 जनवरी 2026: आगामी केंद्रीय बजट 2026 में सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे और रियल एस्टेट क्षेत्र को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिए जाने की संभावना के बीच भारत का एलीवेटर और स्मार्ट वर्टिकल मोबिलिटी उद्योग बड़े लाभ की उम्मीद कर रहा है। निर्माण और रियल एस्टेट क्षेत्र मिलकर देश के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 16 प्रतिशत योगदान देते हैं, और एलीवेटर उद्योग इन दोनों क्षेत्रों की रीढ़ माना जाता है।
    बजट से पहले उद्योग जगत ने बुनियादी ढांचे पर निरंतर खर्च, डिजिटलीकरण के लिए लक्षित प्रोत्साहन और स्थानीय विनिर्माण को मजबूत करने के उपायों की मांग की है, ताकि सुरक्षित, स्मार्ट और टिकाऊ शहरी विकास को गति मिल सके।
    भारत का एलीवेटर और एस्केलेटर बाजार वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वर्टिकल मोबिलिटी सेक्टर बन चुका है। तेजी से हो रहे शहरीकरण, निर्माण गतिविधियों में उछाल और ऊर्जा दक्ष व स्मार्ट परिवहन प्रणालियों की बढ़ती मांग के चलते यह क्षेत्र निवेश के लिए आकर्षक अवसर के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में लगभग 15 अरब अमेरिकी डॉलर के मूल्य वाला यह उद्योग 2033 तक 22 से 23 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
    एलीवेटर एंड एस्केलेटर कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सूरज थोडीमारथ ने कहा कि केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे को निरंतर समर्थन और स्मार्ट तकनीकों तथा स्थानीय उत्पादन के लिए प्रोत्साहन भारत के एलीवेटर उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के स्तर तक पहुंचाने के लिए आवश्यक है।
    उद्योग को उम्मीद है कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए बजटीय समर्थन से एलीवेटर की मांग में तेजी आएगी। साथ ही शहरी परिवहन और हाई-राइज इमारतों के विकास के लिए पूंजीगत व्यय में निरंतरता की अपेक्षा की जा रही है। उद्योग ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित स्मार्ट लिफ्ट, ऊर्जा दक्ष प्रणालियों तथा ‘मेक इन इंडिया’ के तहत उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के विस्तार, शुल्क में तार्किक संशोधन और एमएसएमई के लिए आसान वित्तपोषण की भी मांग की है।
    विर्गो कम्युनिकेशंस की प्रबंध निदेशक अनीता रघुनाथ ने कहा कि भारतीय एलीवेटर उद्योग अब इंटीग्रेटेड बिल्डिंग डिजाइन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी गतिशीलता के संगम पर खड़ा है। बजट में स्मार्ट सिटी, किफायती आवास और शहरी विकास को निरंतर समर्थन मिलने से यह क्षेत्र तकनीक आधारित दीर्घकालिक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
    वर्तमान में लिफ्ट की मांग का लगभग 65 से 70 प्रतिशत हिस्सा आवासीय परियोजनाओं से आता है, जबकि 25 प्रतिशत वाणिज्यिक परियोजनाओं और 10 प्रतिशत हवाई अड्डों, मेट्रो स्टेशनों, अस्पतालों और सार्वजनिक भवनों जैसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से आता है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में 10 से 15 प्रतिशत की दर से ऊर्ध्वाधर विकास हो रहा है, जिससे इस क्षेत्र की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।
    पेलिया के अध्यक्ष अभिजीत दांडेकर ने कहा कि केंद्रीय बजट वर्टिकल मोबिलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। आधुनिकीकरण, ऊर्जा दक्ष तकनीकों और एमएसएमई को समर्थन देने वाले नीतिगत कदम उद्योग की वृद्धि के साथ-साथ सुरक्षा और यात्री सुविधा को भी बेहतर बनाएंगे।
    इसी क्रम में ‘स्मार्ट लिफ्ट एंड मोबिलिटी वर्ल्ड 2026’ का आयोजन उद्योग के वैश्विक मंच के रूप में किया जा रहा है। आयोजन समिति के निदेशक रघु जी ने कहा कि यह केवल प्रदर्शनी नहीं बल्कि नवाचार, नेतृत्व संवाद और उद्योग उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाला अभियान है। इस दौरान स्मार्ट लिफ्ट एंड मोबिलिटी अवॉर्ड्स और दुनिया की पहली एलीवेटर सेफ्टी रन जैसे विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
    जॉनसन लिफ्ट्स, ओटिस, शिंडलर और कोने जैसी प्रमुख कंपनियां इस आयोजन को प्रायोजित कर रही हैं। इसके अलावा ओमेगा एलीवेटर्स, एल एंड टी एलीवेटर्स, विट्टुर, एमएएस इंडस्ट्रीज, मोंटेफेरो, एसजेईसी, इंफ्रा, हेफ्जी, अर्केल, मोंटानारी, वोहर पार्किंग, आरआर पार्कोन, इनोवेंस, कोएम, टीम मोबिलिटी और युग एक्स लिफ्ट्स सहित सैकड़ों कंपनियां इसमें भाग लेंगी।
    स्मार्ट लिफ्ट एंड मोबिलिटी वर्ल्ड 2026 को क्रेडाई, नारेडको कर्नाटक और मैसूर, डब्ल्यूआईसीसीआई कर्नाटक आर्किटेक्चर काउंसिल, काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर, आईजीबीसी, ईईसीएमएआई, पेलिया और ईएफईएसएमई सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बजट 2026 में अपेक्षित घोषणाएं होती हैं तो भारत न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर स्मार्ट, सुरक्षित और टिकाऊ वर्टिकल मोबिलिटी हब के रूप में भी उभर सकता है।

इस्लामिक समाचार

  • नंगलाराई के मदरसे में जलसे का आयोजन

    नंगलाराई के मदरसे में जलसे का आयोजन

    मुजफ्फरनगर (विशेष संवाददाता): 

    दारुल उलूम देवबंद के पूर्व शेख़ुल कुर्रा और राब्ता आलम—ए—इस्लामी मक्का मुकर्रमा के सदस्य कारी अल-मुकरी अबुल हसन आज़मी ने कहा है कि कुरआन—ए—करीम पर अमल करो, इससे पहले कि यह पवित्र किताब तुम्हारे सीनों से मिट जाए और तौबा का दरवाज़ा बंद हो जाए। यही वह वक्त होगा जब कोई नेक अमल इंसान के काम नहीं आएगा। कारी अल—मुकरी अबुल हसन आज़मी मुजफ्फरनगर जिले के गांव नंगलाराई स्थित मदरसा दारुल किरात हसनिया में 18 हाफ़िज़े कुरान की दस्तारबंदी के मौके पर आयोजित जलसे की आखिरी मजलिस से खिताब कर रहे थे। 

    जामिया बदरुल उलूम गढ़ी दौलत के उस्ताद—ए—हदीस मुफ्ती खालिद कासमी ने कहा कि इंसान जब दुनिया से रुख्सत होता है तो उसके तीन अमल ऐसे हैं जो मरने के बाद भी काम आते रहते हैं, इनमें सदका-ए-जारिया, नफ़ा पहुंचाने वाला इल्मी सरमाया और नेक औलाद। अफसोस की बात है कि हम इन तीनों क्षेत्रों पर बहुत कम ध्यान देते हैं। खास तौर पर औलाद का मसला इतना गंभीर होता जा रहा है कि माता—पिता ने औलाद की निगरानी और तरबियत से पूरी तरह मुंह फेर लिया है।

    इशाअतुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती नसीम कासमी ने कहा कि जब बुनियादी अकीदा ही कमज़ोर हो जाता है तो सारे अमल उसी तरह कमज़ोर होते चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि तौहीद व रिसालत, आखिरत, तकदीर और आस्मानी किताबें जैसे बुनियादी अकीदा हमारे ईमान का लाज़िमी हिस्सा हैं। इन अकीदों की सही तालीम से हम गफलत कर रहे हैं, जिसकी वजह से हम बतौर मुसलमान आमाल सालेहा से बहुत पीछे हैं। उन्होंने कहा कि अल्लाह की सिफात, कुदरत तथा रसूल की रिसालत और आखिरत पर जितना मज़बूत ईमान होगा, उतना ही इंसान अपनी ज़िंदगी को नेक सांचे में ढालेगा।

    मुफ्ती अहमद ने कहा कि अगर इंसान हराम काम से बचने की ठान ले तो बड़ा इबादत गुजार बन जाए, क्योंकि यही चीज़ फसाद की जड़ होती है। उन्होंने कहा कि झूठ, वादा खिलाफी और खयानत जैसे हराम कामों से अगर हम बचने लगें तो हमारा दिल साफ और शफ्फाफ हो जाएगा। मौलाना ने कहा कि अंदरूनी बीमारियों जैसे हसद, बुग्ज़, कीना और तकब्बुर से भी सच्ची तौबा करनी होगी, तभी हम दुनिया और आखिरत में कामयाब हो सकेंगे। उन्होंने तालीम, सुन्नत की पाबंदी और ज़रूरी इल्म हासिल करने पर भी ज़ोर दिया।

    मौलवी साकिब सिराज कासमी ने उलेमा की सोहबत और उसके फायदों पर रोशनी डाली।

    जलसे की एक मजलिस में मदरसे के रूह-ए-रवां और अरबी ज़बान के इंशापर्दाज़ मुफ्ती मुहम्मद बिलाल कासमी ने कारी अबुल हसन आज़मी को सिपास नामा पेश करते हुए कहा कि कारी अल-मुकरी अबुल हसन आज़मी ने तजवीद और किरात के फन पर सौ से ज़्यादा किताबें लिखकर इल्मी दुनिया को हैरत में डाल दिया है। कारी मोहतरम की पूरी ज़िंदगी दर्स व तदरीस में गुज़री है, अभी भी वह तलबा को फन से रोशनास कराते रहते हैं। वह राब्ता आलम—ए—इस्लामी मक्का मुकर्रमा के सदस्य हैं। कारी मोहतरम खुद एक मिशन हैं, जिनके हज़ारों शागिर्दाने रशीद उनके फन की आबियारी में मसरूफ हैं। इससे पहले हाफ़िज़ फरमान, मुहम्मद अहमद, फहद, शायान, उमर, अरमान, सलमान और चांद समेत 18 हाफ़िज़—ए—कुरान तलबा की उलेमा-ए-किराम के हाथों दस्तारबंदी हुई। इस मौके पर मौलाना इरशाद अकाबी ने मदारिस और कुरान के ताल्लुक से बयान किया। वहीं, मदरसे के तलबा व तालिबात ने इस्लाही मुकालमे, नज़्में और हालाते हाज़िरा के ताल्लुक से तकारीर भी पेश कीं। अंत में मदरसे के मोहतमिम कारी मुहम्मद शहज़ाद ने हाज़िरीन का शुक्रिया अदा किया। यह जलसा बुज़ुर्ग आलिम—ए—दीन मौलाना मुहम्मद इलियास की दुआ पर संपन्न हुआ। दोनों मजलिसों की निज़ामत मुफ्ती मुहम्मद बिलाल कासमी और मौलाना साकिब सिराज ने संयुक्त रूप से की।

    जलसे में मिफ्ताहुल उलूम के उस्ताद—ए—हदीस मुफ्ती रईस अहमद, दारुल उलूम देवबंद से मौलाना मुकीम, मौलाना मूसा कासमी, मौलाना सलीम, कारी नौशाद, कारी दिलशाद, कारी वसीम, शाहिद भाई, मुहम्मद इरशाद, मेराज अहमद, मुनीर अहमद, मौलाना जाबिर, हाफ़िज़ फुरकान असअदी, कारी आज़म, कारी सुहैल, कारी साकिब, कारी फैसल, कारी शुऐब, हाजी मुकीम और जावेद आदि खास तौर पर मौजूद रहे।


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