केंद्रीय बजट 2026 से इंफ्रा और रियल एस्टेट को रफ्तार मिलने की उम्मीद, वर्टिकल मोबिलिटी सेक्टर को बड़े उछाल की आस
नई दिल्ली/मुंबई, 30 जनवरी 2026: आगामी केंद्रीय बजट 2026 में सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे और रियल एस्टेट क्षेत्र को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिए जाने की संभावना के बीच भारत का एलीवेटर और स्मार्ट वर्टिकल मोबिलिटी उद्योग बड़े लाभ की उम्मीद कर रहा है। निर्माण और रियल एस्टेट क्षेत्र मिलकर देश के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 16 प्रतिशत योगदान देते हैं, और एलीवेटर उद्योग इन दोनों क्षेत्रों की रीढ़ माना जाता है।
बजट से पहले उद्योग जगत ने बुनियादी ढांचे पर निरंतर खर्च, डिजिटलीकरण के लिए लक्षित प्रोत्साहन और स्थानीय विनिर्माण को मजबूत करने के उपायों की मांग की है, ताकि सुरक्षित, स्मार्ट और टिकाऊ शहरी विकास को गति मिल सके।
भारत का एलीवेटर और एस्केलेटर बाजार वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वर्टिकल मोबिलिटी सेक्टर बन चुका है। तेजी से हो रहे शहरीकरण, निर्माण गतिविधियों में उछाल और ऊर्जा दक्ष व स्मार्ट परिवहन प्रणालियों की बढ़ती मांग के चलते यह क्षेत्र निवेश के लिए आकर्षक अवसर के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में लगभग 15 अरब अमेरिकी डॉलर के मूल्य वाला यह उद्योग 2033 तक 22 से 23 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
एलीवेटर एंड एस्केलेटर कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सूरज थोडीमारथ ने कहा कि केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे को निरंतर समर्थन और स्मार्ट तकनीकों तथा स्थानीय उत्पादन के लिए प्रोत्साहन भारत के एलीवेटर उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के स्तर तक पहुंचाने के लिए आवश्यक है।
उद्योग को उम्मीद है कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए बजटीय समर्थन से एलीवेटर की मांग में तेजी आएगी। साथ ही शहरी परिवहन और हाई-राइज इमारतों के विकास के लिए पूंजीगत व्यय में निरंतरता की अपेक्षा की जा रही है। उद्योग ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित स्मार्ट लिफ्ट, ऊर्जा दक्ष प्रणालियों तथा ‘मेक इन इंडिया’ के तहत उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के विस्तार, शुल्क में तार्किक संशोधन और एमएसएमई के लिए आसान वित्तपोषण की भी मांग की है।
विर्गो कम्युनिकेशंस की प्रबंध निदेशक अनीता रघुनाथ ने कहा कि भारतीय एलीवेटर उद्योग अब इंटीग्रेटेड बिल्डिंग डिजाइन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी गतिशीलता के संगम पर खड़ा है। बजट में स्मार्ट सिटी, किफायती आवास और शहरी विकास को निरंतर समर्थन मिलने से यह क्षेत्र तकनीक आधारित दीर्घकालिक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
वर्तमान में लिफ्ट की मांग का लगभग 65 से 70 प्रतिशत हिस्सा आवासीय परियोजनाओं से आता है, जबकि 25 प्रतिशत वाणिज्यिक परियोजनाओं और 10 प्रतिशत हवाई अड्डों, मेट्रो स्टेशनों, अस्पतालों और सार्वजनिक भवनों जैसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से आता है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में 10 से 15 प्रतिशत की दर से ऊर्ध्वाधर विकास हो रहा है, जिससे इस क्षेत्र की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।
पेलिया के अध्यक्ष अभिजीत दांडेकर ने कहा कि केंद्रीय बजट वर्टिकल मोबिलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। आधुनिकीकरण, ऊर्जा दक्ष तकनीकों और एमएसएमई को समर्थन देने वाले नीतिगत कदम उद्योग की वृद्धि के साथ-साथ सुरक्षा और यात्री सुविधा को भी बेहतर बनाएंगे।
इसी क्रम में ‘स्मार्ट लिफ्ट एंड मोबिलिटी वर्ल्ड 2026’ का आयोजन उद्योग के वैश्विक मंच के रूप में किया जा रहा है। आयोजन समिति के निदेशक रघु जी ने कहा कि यह केवल प्रदर्शनी नहीं बल्कि नवाचार, नेतृत्व संवाद और उद्योग उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाला अभियान है। इस दौरान स्मार्ट लिफ्ट एंड मोबिलिटी अवॉर्ड्स और दुनिया की पहली एलीवेटर सेफ्टी रन जैसे विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
जॉनसन लिफ्ट्स, ओटिस, शिंडलर और कोने जैसी प्रमुख कंपनियां इस आयोजन को प्रायोजित कर रही हैं। इसके अलावा ओमेगा एलीवेटर्स, एल एंड टी एलीवेटर्स, विट्टुर, एमएएस इंडस्ट्रीज, मोंटेफेरो, एसजेईसी, इंफ्रा, हेफ्जी, अर्केल, मोंटानारी, वोहर पार्किंग, आरआर पार्कोन, इनोवेंस, कोएम, टीम मोबिलिटी और युग एक्स लिफ्ट्स सहित सैकड़ों कंपनियां इसमें भाग लेंगी।
स्मार्ट लिफ्ट एंड मोबिलिटी वर्ल्ड 2026 को क्रेडाई, नारेडको कर्नाटक और मैसूर, डब्ल्यूआईसीसीआई कर्नाटक आर्किटेक्चर काउंसिल, काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर, आईजीबीसी, ईईसीएमएआई, पेलिया और ईएफईएसएमई सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बजट 2026 में अपेक्षित घोषणाएं होती हैं तो भारत न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर स्मार्ट, सुरक्षित और टिकाऊ वर्टिकल मोबिलिटी हब के रूप में भी उभर सकता है।