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  • गैंगस्टर के दोषी को तीन वर्ष 11 माह की कैद

    गैंगस्टर के दोषी को तीन वर्ष 11 माह की कैद

    कैरना (शामली)। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में एक दोषी को तीन वर्ष 11 माह के कारावास की सजा सुनाई है।

    बता दें कि वर्ष 2003 में बाबरी थाने पर प्रमेंद्र निवासी हाथी करौदा के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले में पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। सोमवार शाम लगभग साढ़े सात बजे पुलिस ने बताया कि उक्त मामले में कैराना स्थित एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया, जिस पर दोषी को तीन वर्ष 11 माह के कारावास और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।

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  • दिव्यांश जोशी के तूफानी शतक से मेरठ मावेरिक्स बना UPT20 चैंपियन

    दिव्यांश जोशी के तूफानी शतक से मेरठ मावेरिक्स बना UPT20 चैंपियन

    40 गेंदों पर 105 रन की विस्फोटक पारी, लखनऊ फाल्कन्स को 94 रन से हराकर मेरठ ने जीता खिताब

    लखनऊ। दिव्यांश जोशी की 40 गेंदों पर खेली गई 105 रन की तूफानी पारी और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर मेरठ मावेरिक्स ने रविवार को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में लखनऊ फाल्कन्स को 94 रन से हराकर UPT20 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। रिंकू सिंह की अगुवाई वाली मेरठ की टीम ने लगातार चौथी बार फाइनल में पहुंचकर एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित की।

    टॉस जीतकर रिंकू सिंह ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। मेरठ के सलामी बल्लेबाज स्वस्तिक चिकारा और दिव्यांश जोशी ने पहले विकेट के लिए 53 रन जोड़कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। चिकारा के आउट होने के बाद जोशी ने लखनऊ के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। फाइनल के लिए विशेष रूप से प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए जोशी ने महज 40 गेंदों में 12 चौकों और सात छक्कों की मदद से 105 रन ठोक दिए।

    जोशी की विस्फोटक पारी की बदौलत मेरठ मावेरिक्स ने 20 ओवर में सात विकेट पर 203 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज और लखनऊ के कप्तान भुवनेश्वर कुमार भी जोशी के आक्रामक तेवरों पर अंकुश नहीं लगा सके।

    खिताब के लिए 204 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ फाल्कन्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। मेरठ के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर लखनऊ पर दबाव बनाए रखा। टीम कोई बड़ी साझेदारी नहीं बना सकी और पूरी पारी 16 ओवर में 109 रन पर सिमट गई।

    अजीत वर्मा ने 24 गेंदों पर 39 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद विशाल चौधरी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 24 रन देकर चार विकेट झटके और लखनऊ की पारी की कमर तोड़ दी। जीशान अंसारी ने भी दो विकेट लेकर मेरठ की जीत में अहम योगदान दिया।

    मेरठ ने 94 रन की बड़ी जीत के साथ UPT20 2026 की ट्रॉफी अपने नाम की। फाइनल में शानदार प्रदर्शन के लिए दिव्यांश जोशी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कारों में जीशान अंसारी 25 विकेट के साथ पर्पल कैप के हकदार बने, जबकि काशी रुद्रास के कप्तान करण शर्मा ने 361 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीती।

    मेरठ मावेरिक्स के लिए यह जीत एक और शानदार उपलब्धि रही। वहीं दिव्यांश जोशी की 40 गेंदों पर 105 रन की विस्फोटक पारी UPT20 के चौथे सत्र के फाइनल की सबसे यादगार पारियों में शामिल हो गई।

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  • नंगलाराई के मदरसे में जलसे का आयोजन

    नंगलाराई के मदरसे में जलसे का आयोजन

    मुजफ्फरनगर (विशेष संवाददाता): 

    दारुल उलूम देवबंद के पूर्व शेख़ुल कुर्रा और राब्ता आलम—ए—इस्लामी मक्का मुकर्रमा के सदस्य कारी अल-मुकरी अबुल हसन आज़मी ने कहा है कि कुरआन—ए—करीम पर अमल करो, इससे पहले कि यह पवित्र किताब तुम्हारे सीनों से मिट जाए और तौबा का दरवाज़ा बंद हो जाए। यही वह वक्त होगा जब कोई नेक अमल इंसान के काम नहीं आएगा। कारी अल—मुकरी अबुल हसन आज़मी मुजफ्फरनगर जिले के गांव नंगलाराई स्थित मदरसा दारुल किरात हसनिया में 18 हाफ़िज़े कुरान की दस्तारबंदी के मौके पर आयोजित जलसे की आखिरी मजलिस से खिताब कर रहे थे। 

    जामिया बदरुल उलूम गढ़ी दौलत के उस्ताद—ए—हदीस मुफ्ती खालिद कासमी ने कहा कि इंसान जब दुनिया से रुख्सत होता है तो उसके तीन अमल ऐसे हैं जो मरने के बाद भी काम आते रहते हैं, इनमें सदका-ए-जारिया, नफ़ा पहुंचाने वाला इल्मी सरमाया और नेक औलाद। अफसोस की बात है कि हम इन तीनों क्षेत्रों पर बहुत कम ध्यान देते हैं। खास तौर पर औलाद का मसला इतना गंभीर होता जा रहा है कि माता—पिता ने औलाद की निगरानी और तरबियत से पूरी तरह मुंह फेर लिया है।

    इशाअतुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती नसीम कासमी ने कहा कि जब बुनियादी अकीदा ही कमज़ोर हो जाता है तो सारे अमल उसी तरह कमज़ोर होते चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि तौहीद व रिसालत, आखिरत, तकदीर और आस्मानी किताबें जैसे बुनियादी अकीदा हमारे ईमान का लाज़िमी हिस्सा हैं। इन अकीदों की सही तालीम से हम गफलत कर रहे हैं, जिसकी वजह से हम बतौर मुसलमान आमाल सालेहा से बहुत पीछे हैं। उन्होंने कहा कि अल्लाह की सिफात, कुदरत तथा रसूल की रिसालत और आखिरत पर जितना मज़बूत ईमान होगा, उतना ही इंसान अपनी ज़िंदगी को नेक सांचे में ढालेगा।

    मुफ्ती अहमद ने कहा कि अगर इंसान हराम काम से बचने की ठान ले तो बड़ा इबादत गुजार बन जाए, क्योंकि यही चीज़ फसाद की जड़ होती है। उन्होंने कहा कि झूठ, वादा खिलाफी और खयानत जैसे हराम कामों से अगर हम बचने लगें तो हमारा दिल साफ और शफ्फाफ हो जाएगा। मौलाना ने कहा कि अंदरूनी बीमारियों जैसे हसद, बुग्ज़, कीना और तकब्बुर से भी सच्ची तौबा करनी होगी, तभी हम दुनिया और आखिरत में कामयाब हो सकेंगे। उन्होंने तालीम, सुन्नत की पाबंदी और ज़रूरी इल्म हासिल करने पर भी ज़ोर दिया।

    मौलवी साकिब सिराज कासमी ने उलेमा की सोहबत और उसके फायदों पर रोशनी डाली।

    जलसे की एक मजलिस में मदरसे के रूह-ए-रवां और अरबी ज़बान के इंशापर्दाज़ मुफ्ती मुहम्मद बिलाल कासमी ने कारी अबुल हसन आज़मी को सिपास नामा पेश करते हुए कहा कि कारी अल-मुकरी अबुल हसन आज़मी ने तजवीद और किरात के फन पर सौ से ज़्यादा किताबें लिखकर इल्मी दुनिया को हैरत में डाल दिया है। कारी मोहतरम की पूरी ज़िंदगी दर्स व तदरीस में गुज़री है, अभी भी वह तलबा को फन से रोशनास कराते रहते हैं। वह राब्ता आलम—ए—इस्लामी मक्का मुकर्रमा के सदस्य हैं। कारी मोहतरम खुद एक मिशन हैं, जिनके हज़ारों शागिर्दाने रशीद उनके फन की आबियारी में मसरूफ हैं। इससे पहले हाफ़िज़ फरमान, मुहम्मद अहमद, फहद, शायान, उमर, अरमान, सलमान और चांद समेत 18 हाफ़िज़—ए—कुरान तलबा की उलेमा-ए-किराम के हाथों दस्तारबंदी हुई। इस मौके पर मौलाना इरशाद अकाबी ने मदारिस और कुरान के ताल्लुक से बयान किया। वहीं, मदरसे के तलबा व तालिबात ने इस्लाही मुकालमे, नज़्में और हालाते हाज़िरा के ताल्लुक से तकारीर भी पेश कीं। अंत में मदरसे के मोहतमिम कारी मुहम्मद शहज़ाद ने हाज़िरीन का शुक्रिया अदा किया। यह जलसा बुज़ुर्ग आलिम—ए—दीन मौलाना मुहम्मद इलियास की दुआ पर संपन्न हुआ। दोनों मजलिसों की निज़ामत मुफ्ती मुहम्मद बिलाल कासमी और मौलाना साकिब सिराज ने संयुक्त रूप से की।

    जलसे में मिफ्ताहुल उलूम के उस्ताद—ए—हदीस मुफ्ती रईस अहमद, दारुल उलूम देवबंद से मौलाना मुकीम, मौलाना मूसा कासमी, मौलाना सलीम, कारी नौशाद, कारी दिलशाद, कारी वसीम, शाहिद भाई, मुहम्मद इरशाद, मेराज अहमद, मुनीर अहमद, मौलाना जाबिर, हाफ़िज़ फुरकान असअदी, कारी आज़म, कारी सुहैल, कारी साकिब, कारी फैसल, कारी शुऐब, हाजी मुकीम और जावेद आदि खास तौर पर मौजूद रहे।


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