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लखनऊ। प्रदेश में पोल्ट्री क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज दिनांक 15 अप्रैल 2026 को पशुपालन विभाग द्वारा पहली बार “उत्तर प्रदेश पोल्ट्री कॉन्क्लेव 2026” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन पोल्ट्री इंडिया के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसे प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल, राज्य मंत्री, मत्स्य, पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि दिनेश प्रताप सिंह, मंत्री, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार तथा धर्मपाल सिंह, मंत्री, पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार भी उपस्थित रहे।
कॉन्क्लेव में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इसमें अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम, विशेष सचिव देवेंद्र कुमार पांडे, डॉ. पी.के. शुक्ला (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, डुवासु), उदय सिंह बयास (प्रेसिडेंट, आईपीईएमए), ओ.पी. सिंह (एमडी, एबीटीएल), दीपक तुषीर (सीईओ), मोहित मलिक (प्रेसिडेंट, ब्रीडर्स एसोसिएशन), रामपाल टांडा (प्रेसिडेंट, पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया), अनीश अंसारी (पूर्व मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश), डॉ. मेमपाल सिंह (निदेशक, प्रशासन एवं विकास) तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद (निदेशक, रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और अतिथियों ने प्रदेश में अंडा उत्पादन की वर्तमान स्थिति और उसकी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि उत्पादन में कमी को दूर करते हुए पोल्ट्री सेक्टर को सुदृढ़ बनाया जाए, ताकि यह क्षेत्र न केवल आत्मनिर्भर बने बल्कि भविष्य में निर्यात के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सके।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि पोल्ट्री उद्योग में निवेश की अपार संभावनाएं हैं और इसके माध्यम से किसानों एवं उद्यमियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। साथ ही, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और प्रशिक्षण के माध्यम से इस क्षेत्र को और अधिक संगठित एवं प्रतिस्पर्धी बनाने पर बल दिया गया।
कॉन्क्लेव के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों, पोल्ट्री प्रोग्राम अधिकारियों एवं सफल पोल्ट्री उद्यमियों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर प्रदेश में पोल्ट्री सेक्टर में निवेश बढ़ाने और आम जनमानस को इसके प्रति जागरूक करने का भी आह्वान किया गया।
इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए किसानों, उद्यमियों, विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों, छात्रों एवं विभागीय अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कुल मिलाकर, “उत्तर प्रदेश पोल्ट्री कॉन्क्लेव 2026” राज्य में पोल्ट्री क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।